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पहाड़ों में बढ़ते भूस्खलन से कोनसी समस्याएँ सामने आती है ?

उत्तराखंड एक पहाड़ी छेत्र है, और बरसात के मौसम में लगभग हमेशा भूस्खलन की वजह से समाचारों में बना रहता है। कहीं बादल फैट जाता है, कहीं पहाड़ खिसक जाता है, सड़कें टूट जाती हैं मकान डह जातें हैं आदि । 
मैं खुद एक पहाड़ी व्यक्ति हूँ इसलिए इस समस्या को बहुत नजदीक से समझता हूँ, बरसात के मौसम में पहाड़ का जीवन वाक़ई में बहुत कठिन हो जाता है 

आज कल के समाचार पत्र भूस्खलन की खबरों से भरे पड़े हैं । इस दोरान बहुत जान माल का नुकसान होता है । अब सवाल ये आता है कि क्या सरकार कुछ कर सकती है क्या ? नहीं दैवीय आपदा में सरकार कुछ नहीं कर सकती बस इतना कर सकती है कि बचाव कार्य आदि सुचारू रूप से चलें । खबर है कि पिछले पांच साल में लगभग 32 पल गिरे क्या कारण है इसका जवाब आप कमेंट में जरूर बताइए  

क्या पवार प्रोजेक्ट हैं पढाड़ में आपदा के कारण ?

कहा जाता है कि प्रकृति से साथ खेलोगे तो प्रकृति आपके साथ खेल जाएगी, ऐसा ही कुछ सच साबित हो रहा है उत्तराखंड में । यहाँ इतनी जल बिधुत परियोजना लगाई जा चुकी हैं कि लोग त्रस्त हो गए हैं । पहाड़ के अंदर से सुरंग निकल जाती है और पहाड़ के ऊपर वाले गांव में पानी आना बंद हो जाता है क्योंकि पानी का रिसाव हो जाता है , तो इस क्रम में कहा जा सकता है पावर प्रोजेक्ट उत्तराखंड की धरती को छति पहुंचने काम कर रहे हैं 


धारचुला में भूस्खलन

पिथौरागढ़ के धारचुला स्थित जुम्मा गांव में हुए भूस्खलन के बारे में आप सब जानते ही होंगे, वहां बहुत जान माल का नुलसान है जिसकी भरपाई शायद ही कोई कर सकता है वहां के लोग अब सरकार पर दोषारोपण कर रहे हैं उनका कहना है कि  "हमने तो बहुत समय से सरकार को बोला है कि हमको विस्थापित करे पर सरकार के कान में झूं तक नही रेंग रही । असल बात तो यह है सब राजनेता किसी भी मुद्दे के जरिए अपनी राजनीति चमकाने में लगे रहते हैं किसी को भी दूसरे के दुख से कोई वास्ता नही होता 

ऐ बिल्कुल सच बात है कि शहर में रहने वालों लोगों को बिल्कुल भी अंदाजा नही हो सकता कि बरसात में पहाड़ की ज़िंदगी कितनी मुसीबत भारी होती है । वो तो धन्यवाद हो सोशल मीडिया का जिसने पहाड़ के जीवन तो दुनिया के सामने रखा , कुछ लोग कहते हैं कि पहाड़ में आपदा ज़्यादा आने लगी हैं ऐसा कुछ भी नहीं है बात सिर्फ ये है कि आपदा का पहले हमें पता नहीं लगता था और हर जगह की फोटो आ जाती हैं फर्क बस इतना है और फर्क साफ है




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